क्‍यों हो रही है आपकी शादी में देरी, जानें बुध और शुक्र ग्रह कैसे कर सकते हैं आपकी सहायता

उम्र निकलती जा रही हे लेकिन विवाह के लिए कोई अच्‍छा लड़का या अचछी लड़की की तलाश पूरी ही नहीं हो रही । क्‍या आपकी शादी में भी देरी हो रही है, जानिए इसके पीछे क्‍या कारण हो सकते हैं ।

New Delhi, Feb 02 : भारत में विवाह आज भी दो परिवारों के बीच होता है । मिल बैठकर ये निर्णय लिया जाता है कि लड़की परिवार के लिए अच्‍छी रहेगी या नहीं । लड़की के परिवार वाले भी लड़के को हर नजरिए से देखभाल कर ही विवाह के लिए तैयार होते हैं । ऐसी शादियां अरेंज मैरिज कहलाती हैं । लेकिन वक्‍त बदलने के साथ अब कई दस्‍तूर भी बदलने लगे हैं । लव मैरिज को भी बढ़ावा दिया जाने लगा है । लड़का-लड़की से पूछकर उनकी पसंद जानकर शादी की जाती है । लेकिन कई बार कई लड़के-लड़की की शादी में बहुत देर होती है । सब कुछ सही होने के बावजूद अच्‍छा पार्टनर नहीं मिल पाता या कहें कि विवाह के योग ही नहीं बनते । क्‍या आप जानते हैं ऐसा क्‍यों होता है ।

ये ग्रह हैं दोषी
ज्‍योतिष शास्‍त्र के अनुसार जिन लोगों की कुंडली के सातवें भाव में बुध और शुक्र दोनों एक साथ मौजूद हों, ऐसे जातकों के शादी की बात तो चलती हैं लेकिन उनका विवाह होते-होते बहुत देर हो जाती है । बुध और शुक्र ग्रह की आराधना कर इनके प्रभाव को कम किया जा सकता है । विवाह में देरी हो रही हो तो शुक्र ग्रह की आराधना करें, ये भोग विलासिता का ग्रह माना जाता है ।

विवाह का मन ना होना
कई बार विवाह में देरी की वजह लड़का या लड़की की विवाह में अरुचि भी होती है । ऐसा तब होता है जब जातक की कुंडली के चौथे भाव या लग्न में मंगल और सातवें भाव में शनि होता है । विशेष तौर पर ऐसी कुंडली वाली महिलाओं की शादी में कोई दिलचस्‍पी नहीं होती । जिन लोगों की कुंडली के सप्तम भाव में शनि और बृहस्पति दोनों मौजूद हों तो ऐसे जातकों की शादी में देर होती है।

चंद्रमा भी है वजह
कुंडली में बैठे चंद्रमा से सातवें भाव में गुरु बैठे हों तो ऐसे जातक के विवाह में भी देरी होती है । जिस जातक की कुंडली के सातवें भाव में कोई शुभ ग्रह ना बैठा हो, ऐसे जातकों की शादी में भी देरी होती है । कुंडली के लग्न में सूर्य, मंगल, बुध में से कोई एक हो और गुरु सीधे बारहवें भाव में हो तो ऐसा व्यक्ति बहुत आध्यात्मिक होता है, उसका मन शादी जैसे सांसारिक बंधन की ओर नहीं झुकता है ।

विवाह में देरी की वजहें
लग्न, सप्तम और बारहवें भाव में गुरु मौजूद हो या फिर साथ में कोई शुभ ग्रह योग ना बन रहा हो तो साथ ही चंद्रमा भी कमजोर हो तो ऐसे जातकों के विवाह में देरी होती है। जिस महिला की कुंडली में सप्तम भाव का स्वामी या सप्तम भाव शनि से पीड़ित होता है तो उनकी शादी बहुत देरी स होती है । ऐसी परिस्थिति में विशेष पूजा-अर्चना और कर्म कांड की जरूरत होती है ।

इस उपाय से होगी शादी
विवाह को लेकर आ रही कई अड़चनें भोले के व्रत और पूजन से दूर हो जाती है । कई बार आपकी जन्म कुंडली में रहने वाले कुछ दोष आपकी विवाह में बाधा बन जाते हैं, ऐसे में शिव आराधना कर आप उन दोषों को दूर सकती हैं । आपको सोमवार के दिन करना होगा बस छोटा सा एक उपाय । और वो उपाय क्‍या है आइए आपको बताते हैं …. सोमवार के सुबह जल्दी उठकर सभी नित्य कर्मो को निपटाकर भगवान शंकर और देवी पार्वती का पूजन करें ।

इस मंत्र का करें जाप
गौरी – शंकर रुद्राक्ष धारण कर सकते हैं तो पूजन के समय इसे जरूर धारण करें । अब इस शिव मंत्र का जाप करें, 11 बार इस मंत्र का जाप आपकी विवाह संबंधी सभी परेशानियों को दूर कर देगा । मंत्र इस प्रकार है – ऐं ह्लीं श्रीं । नमोनेदिष्ठाय प्रियदव दविष्ठाय च नमो, नम: क्षोदिष्ठाय स्मरहर महिष्ठाय च नम:। नमो वर्षिष्ठाय त्रिनयन यविष्ठाय च नमो, नम: स्र्वस्मै ते तदिदमिति शर्वाय च नम:। श्रीं ह्लीं ऐं।। ………… इस मंत्र के जाप के बाद आप रुद्राक्ष को धारण करके रहें । लगातार 5 सोमवार तक इसी तरह भोले नाथ की पूजा करें एवं मंत्र का 11 बार जाप करें ।

मनचाहे वर की होगी प्राप्ति
इस उपाय के दौरान ही आपको अपनी सभी विवाह संबंधी दिक्‍कतें दूर होती नजर आने लगेंगी । विवाह संबंधी परेशानी में भोले का एक और उपाय आप कर सकते हैं । इसके लिए आप सोमवार का दिन ही चुनें । प्रत्‍येक सोमवार शिवलिंग पर केसर मिला दूध अर्पित करें, ऐसा करने से विवाह में आ रही रुकावटें दूर होती हैं, साथ ही जल्‍द विवाह के योग भी बनने लगते हैं । यदि आप सोमवार के दिन 21 बिल्व पत्रों पर चंदन से ऊं नम: शिवाय लिखकर शिवलिंग पर अर्पित करेंगे तो आपको इच्छ‍ित वर की प्राप्ति होगी ।