शनिवार और जया एकादशी का शुभ योग, करें ये उपाय, चमक सकती है किस्मत

कल शनिवार है और साथ ही बन रहा है जया एकादशी का शुभ योग । एकादशी के दिन व्रत पूजन करना बहुत ही लाभदायक माना जाता है । जानें इस दिन का क्‍या महत्‍व है ।

New Delhi, Jan 26 : माघ शुक्‍ल एकादशी को जया एकादशी के नाम से जाना जाता है, इसे अजा एकादशी भी कहते हैं । हिंदू धर्म के अनुसार महीने में कभी भी भगवान के समक्ष ना बैठने वाला व्‍यक्ति यदि माह के इस एक दिन ईश्‍वर का ध्‍यान कर ले तो उसे स्‍वयं भगवान विष्‍णु वैकुंठ प्राप्ति का वरदान देते हैं । जया एकादशी के दिन विष्‍णु पूजा की जाती है । ये दिन उन लोगों के लिए विशेष फल्‍दायी है जिनपर किसी प्रकार का ऊपरी साया, भूत-पिशाच आदि का प्रभाव हो ।

माघ मास शुक्‍ल पक्ष की एकादशी
हम मास दो एकादशी आती हैं, एक कृष्‍ण पक्ष में और एक शुकल पक्ष में । इस बार 27 जनवरी को माघ शुक्‍ल पक्ष की एकादशी पड़ रही है । इसे जया एकादशी के रूप में जाना जाता है, इस दिन व्रत पूजन का विशेष महत्‍व है । दान का विशेष महत्‍व है । एकादशी का व्रत, एकमात्र ऐसा व्रत है जो आपको 100 एकादशी के व्रत का लाभ देता है । भगवान विष्‍णु की कृपा प्राप्ति का विशेष दिन माना जाता है ।

जया एकादशी व्रत रखने के नियम
यह व्रत दो प्रकार से रख सकते हैं, पहला है निर्जल व्रत और दूसरा है फलाहार के साथ । निर्जल व्रत रखना सेहत की दृष्टि से कष्‍अकर मानाVishnu1 जाता है इसलिए इस व्रत को फलहार के साथ ही रखने की सलाह दी जाती हे । या आप जलीय उपवास भी रख सकते हैं जिसमें आप पानी पी सकते हैं । व्रत के लिए आपका पवित्र होना आवश्‍यक है, नहा धोकर प्रात: काल में श्रीकृष्‍ण की पूजा करें और उन्‍हें पंचामृत का भोग लगाएं ।

एकादशी के दिन ये ना करें
जया एकादशी विशुद्ध रूप से भगवान श्री हरि विषणु की आराधना का दिन है, इसलिए इस दिन वैष्‍णव धर्म का पालन करें । तामसिक आहारfood से दूर रहें, अनैतिक विचारों से दूर रहें । शारीरिक संबंध ना बनाएं, साथ ही पर स्‍त्री और पर पुरुष से दूर रहें । कृष्‍ण भगवान की पूजा के बिना दिन की शुरुआत अधूरी है । सेहत साथ ना दे रही हो तो व्रत ना रखें, वैष्‍णव भोजन करें और कृष्‍ण पूजा में रमे रहें ।

संध्‍या काल में करें ये उपाय
भगवान विष्‍णु को जब तक तुलसी का भोग ना लगे तब तक प्रसाद पूरा नहीं होता । जया एकादशी के संध्‍या काल में तुलसी के समक्ष गाय के घीChaumukha-Diya का दिया जलाएं और ऊँ वासुदेवाय नम: इस मंत्र का जाप करें । मंत्र जाप के साथ तुलसी मां की परिक्रमा करें और कष्‍ट निवारण की मनोकामना मांगे । इस उपाय से आपकी मनोकामना पूर्ण होगी और श्री विष्‍णु आपको सफलता का वरदान देंगे ।

एकादशी पर खीर का प्रसाद
एकादशी के दिन दूध की खीर बनाना बड़ा शुभ माना जाता है । खीर का भोग शुभता का प्रतीक है । जया एकादशी के दिन दूध की खीर बनाकर, उसमें ढेर सारे मेवे डालें और भगवान विष्‍णु को इस खीर का भोग लगाएं । अगर आपके घर में हमेशा लड़ाई झगड़ा होता रहता है तो ये उपाय आपके बड़े काम आने वाला है । खीर की तरह ही आपकी जिंदगी भी मिठास से भर जाएगी । पति पत्‍नी एक साथ खीर का भोग लगाएं तो अति लाभदायी होगा ।

धनवान बनने के लिए करें ये उपाय
यदि आप धन वर्षा के आकांक्षी हैं तो प्रभु विष्‍णु के साथ एकादशी के दिन मां लक्ष्‍मी की भी आराधना करें । आपके घर में धन धान्‍य की कमी नहीं होगी । लेकिन पूजा आपको निश्‍चल भाव से करनी होगी । धन कामना की लालसा लेकर नहीं बल्कि सच्‍चे भाव से मां लक्ष्‍मी और भगवान विष्‍णु की आराधना करें । अपने काम, कारोबार में वृद्धि की कामना करें और दूसरों का भला करने का प्रण लें ।

श्रीमद्भागवत गीता का पाठ
सुबह स्‍नान के बाद कृष्‍ण पूजा करें ओर इसके बाद आम दिनचर्या का पालन करें । दिन में जब आपके सभी कार्य निपट जाएं तो उस समय श्रीमद्भागवत का पाठ करें । घर में दूसरे सदस्‍य भी मौजूद हों तो उन्‍हें भी गीता पाठ में शामिल करें । ऐसा करने से भगवान विष्‍णु की आप पर विशेष कृपा होगी । इसके साथ ही यदि आपके घर श्री विष्‍णु की मूर्ति है तो उसका केसर वाले दूध से अभिषेक करें ।

पीले रंग के वस्‍त्र अर्पित करें
एकादशी के दिन भगवान विष्‍णु को पीले रंग के फल, कपड़े और अनाज समर्पित करें । पूजा के बाद ये सभी चीजें गरीबों को दान में दे दें ।Vishnu2 एकादशी के दिन अपने घर के समीप किसी भी पीपल के पेड़ पर जल चढ़ाएं । मान्‍यता है कि पीपल के वृक्ष पर स्‍वयं भगवान विष्‍णु वास करते हैं । पीपल के वृक्ष की पूजा कर वहां दीपक प्रज्‍वलित करें । एकादशी के दिन इस प्रकार व्रत, पूजन और उपाय करने से आपकी सांसारिक समस्‍याएं जरूर हल हो जाएंगी ।